बैंक घोटाला : ग्रामीण बैंक में 10 रुपए जमा करने पर एक हजार, हजार निकालने पर 10 रुपए की एंट्री, 70 बैंकों में 43 लाख की गड़बड़ी

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जोन में ग्रामीण बैंक का सर्वर खराब होने के कारण बड़ा घपला सामने आया है। बैंक के खातों में 10 रुपए जमा करने पर एक हजार और हजार निकालने पर 10 रुपए की एंट्री दिखाई। इसके चलते 70 बैंकों के 641 खातों से 43 लाख रुपए की गड़बड़ी पकड़ी गई है। इसे डेसीमल एरर बताया गया है यानि दशमलव इधर-उधर से रुपए कम या ज्यादा हो रहे हैं। रुपयों की गड़बड़ी करने में निजी बैंक के कर्मचारियों पर आरोप है। इसके बाद ग्रामीण बैंक ने नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की चेतवानी दी।

बैंक के सेंट्रल सर्वर के मेंटेनेंस के दौरान हुए सभी ट्रांजेक्शन

    1. ग्रामीण बैंक से जुड़े बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यश बैंक, आईसीआईसीआई बैंक एवं रत्नाकर बैंक से जुड़े कर्मचारियों ने करीब 43 लाख रुपए निकाले हैं। ग्रामीण बैंक से जुड़े दूसरे बैंक को एक खाते में 10-20 हजार रुपए ट्रांजेक्शन करने का अधिकार दे रखा है। इन्होंने अलग-अलग दिनों में ग्रामीण बैंक के एकाउंट से रुपए निकाले हैं। बैंक का सेन्ट्रल सर्वर पर 13 दिसंबर से मेंटेनेंस का काम किया जा रहा था। इसी दौरान ही सभी ट्रांजेक्शन हुए। इतनी बड़ी राशि कस्टमर के बैंक खातों में नहीं पहुंची थी।
    2. इस सारी गड़बड़ी की जानकारी शनिवार को बैंक प्रबंधन को पता चली। इस पर उन्होंने अगले ही दिन रविवार को प्राइवेट बैंकों को नोटिस जारी कर दिया। साथ ही 24 घंटे के भीतर निकाली गए रुपए जमा करने के लिए कहा। ऐसा नहीं होने पर बैंक ने कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। बैंक अफसरों के मुताबिक, इसके बाद करीब 40 लाख रुपए वसूल भी लिए गए हैं। बैंक के अफसरों का कहना है कि इस गड़बड़ी के दौरान कस्टमर के खाते में जमा या आहरण का सर्वर में सही रिकार्ड नहीं है।
    3. प्राइवेट बैंकों ने कहा-हेडऑफिस से बात करो

      1. जूटमिल इलाके के एक व्यक्ति के खाते से 1500 रुपए निकाले गए थे, सर्वर में सिर्फ 15 रुपए निकालने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद बैंक अफसरों ने जब इसकी जानकारी निकाली तो पता चला कि यह भी कियोस्क सेंटर से पैसा निकाला गया है। जिसके बाद बैंक अफसरों ने खाताधारक से फोन किया तो उनका कॉल नहीं लगा।
      2. इतवारी बाजार स्थित ग्रामीण बैंक के कस्टमर शारदा बाई के खाते से 700 रुपए निकले हैं, लेकिन बैंक के सर्वर में सिर्फ 7 रुपए ही निकासी की जानकारी दिख रही थी। यह राशि यश बैंक के आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से निकाले गए थे, बैंक अफसरों ने जब अपने कर्मचारियों को यश बैंक को भेजा तो कर्मचारियों ने ट्रांजेक्शन से मना कर दिया।
    4. बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट काम यह हाेता है

      ग्रामीण बैंक के कियोस्क सेंटर (ग्राहक सेवा केंद्र) को ही बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट कहा जाता है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक कियोस्क सेंटर का काम अभी आईसीआईसीआई बैंक, यश बैंक, रत्नाकर बैंक एवं ग्रामीण बैंक खुद भी करता है। इसमें कर्मचारी बैकिंग एजेंट की तरह काम करते हैं। हर गांव में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरुआत की गई है। इसमें बैंक छोटे ट्रांजेक्शन ऑनलाइन माध्यम से होता है, इसमें आधार बेस्ड पेमेंट और स्वाइप मशीनों से ट्रांजेक्शन के साथ एकाउंट ओपनिंग जैसे काम भी होते हैं।

    5. 43 लाख रुपए निकाले थे

      पिछले हफ्ते से बैंक सेंट्रल सर्वर में मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह मुम्बई से हो रहा था, ट्रांजेक्शन के समय मेंटेनेंस की वजह से रायगढ़ और जशपुर जिले के 641 खातों से 43 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इसकी जानकारी हमें शनिवार को हो गई थी। यह पैसे कियोस्क सेंटरों से हुआ था जिसे प्राईवेट बैंक चलाते है। जिसके बाद हमने रविवार को प्राईवेट बैंकों को पैसे वापस करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जिसमें सोमवार की शाम तक करीब 40 लाख रुपए जमा वापस जमा हो गए है।

      एनके मुखर्जी, क्षेत्रीय प्रबंधक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक

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