सीएम भूपेश का मोदी और शाह पर हमला,बोले-एनआरसी के खिलाफ देशभर में करेंगे सविनय अवज्ञा आंदोलन

छत्तीसगढ़ : हिंसक प्रदर्शनाें के बाद जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई पुलिस कार्रवाई में दखल देने से मंगलवार काे सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। जांच आयाेग गठित करने और छात्राें की गिरफ्तारी पर राेक की मांग भी काेर्ट ने खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओ काे हाई काेर्ट जाने की नसीहत देते हुए चीफ जस्टिस एसए बाेबडे ने कहा, “अगर काेई कानून तोड़ता है, पथराव करता है या बसें फूंकता है तो पुलिस क्या करेगी? हम उसे केस दर्ज करने से कैसे रोक सकते हैं?’

इसी बीच, दिल्ली के सीलमपुर में संशाेधित नागरिकता कानून के खिलाफ हजाराें लाेग सड़काें पर उतरे। उपद्रवियाें ने तीन बस और एक पुलिस चाैकी में ताेड़फाेड़ की। वहीं, केरल में 30 इस्लामिक और  राजनीतिक संगठनाें की हड़ताल के दाैरान उपद्रवियाें ने बसाें पर पथराव किया और दुकानें जबरन बंद करवाई। यहां 200 से ज्यादा लाेग हिरासत में लिए गए। पश्चिम बंगाल में कई जगह सड़कें और रेलवे ट्रैक जाम रहे।

दूसरी तरफ, असम में हालात सुधरने के बाद गुवाहाटी से कर्फ्यू हटा दिया गया। शिलाॅन्ग में भी कर्फ्यू में ढील दी गई।

दूसरी तरफ, एएमयू और आसपास के इलाकाें में हुई हिंसा के सिलसिले में उत्तरप्रदेश पुलिस ने आठ छात्राें सहित 26 लाेगाें काे गिरफ्तार किया है। बाद में इन्हें पर्सनल बाॅन्ड पर छाेड़ दिया गया। मऊ में साेमवार रात हुई हिंसा के मामले में 19 लाेग गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, जामिया हिंसा के मामले में आपराधिक पृष्ठभूमि के 10 लाेग गिरफ्तार किए गए थे। इनमें से 6 काे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जामिया इलाके में मंगलवार काे भी माहाैल तनावपूर्ण बना रहा। कुछ छात्राें और स्थानीय नागरिकाें ने यूनिवर्सिटी के सामने तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नागरिकता कानून के समर्थन में दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया।

जामिया में तीन लाेगाें काे गाेली लगने की रिपाेर्ट्स पर गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैम्पस में गाेलियाें के खाेल मिले हैं लेकिन पुलिस ने फायरिंग नहीं की है। हाेली फैमिली अस्पताल में भर्ती तीन लाेगाें काे गाेली लगने के दावाें की जांच की जा रही है।

स्वतंत्र अभिव्यक्ति और विचाराें काे पाेषित करने वाली जगह बनें कैम्पस: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ काेविंद ने कहा है कि देश के सामने माैजूद चुनाैतियाें का समाधान ढूंढने में यूनिवर्सिटी काे अहम भूमिका निभानी चाहिए। उन्हाेंने कहा कि उच्चतर शिक्षा संस्थान ऐसी जगह के ताैर पर उभरने चाहिए, जाे स्वतंत्र अभिव्यक्ति और विचाराें काे पाेषित करें। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपतियाें के सम्मेलन के समापन सत्र में उन्हाेंने यह बात कही। राष्ट्रपति की इस टिप्पणी काे जामिया  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की हिंसा से जाेड़कर देखा जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि कैम्पस ऐसे हाें, जहां प्रयाेगाें काे प्राेत्साहित किया जाए और नाकामी पर उपहास न उड़ाया जाए, बल्कि इसे सीख के ताैर पर देखा जाए। यूनिवर्सिटी एक ऐसी प्रयाेगशाला बनें, जहां छात्राें काे राष्ट्र निर्माण के सामने आने वाली समस्याएं सुलझाने का अनुभव दिया जाए।

साेनिया के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिले 12 दलाें के नेता:

नागरिकता कानून के विराेध में 12 विपक्षी दलों के नेताओ ने राष्ट्रपति रामनाथ काेविंद काे ज्ञापन साैंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह कानून लागू करने के लिए माेदी सरकार आम लोगों और विपक्ष की आवाज दबा रही है, जो सफल नहीं होगी। हमने राजधानी सहित देशभर में हिंसक प्रदर्शनों के चलते पैदा हुए हालात में राष्ट्रपति से दखल की मांग की है। उन्हाेंने कहा कि पुलिस ने जिस तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ हिंसा की, उससे हमें गहरा दुख है। उन्हाेंने कहा कि पुलिसकर्मी जामिया में लड़कियाें के हाॅस्टल में घुस गए और छात्राें काे बेरहमी से पीटा। उन्हाेंने राष्ट्रपति से इस मामले में दखल की मांग की।

नक्सल उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहे

सीएम भूपेश ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने की रणनीति बनाने के लिए प्रभावित वर्ग से बात की गई है। हमने वहां के जनप्रतिनिधियों, आम जनता, पत्रकारों, समाजसेवकों, पीड़ित परिवार के सदस्यों, पुलिस के जवानों यहां तक सुकमा, भोपालपट्नम के जवानों से भी इस संबंध में चर्चा की है। इस दिशा में हम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।

शराबबंदी जरूर करेंगे

भूपेश ने कहा कि अभी सरकार को एक साल ही हुए हैं। शराबबंदी की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए समिति बनाई गई है। अध्ययन करने के बाद समिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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