भारत बचाओ आंदोलन: मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है, सही बात बोलने के लिए माफी नहीं मांगूंगा: राहुल गांधी

नई दिल्ली: यहां के रामलीला मैदान में शनिवार को कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ ‘भारत बचाओ’ रैली की। इसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और डॉ. मनमोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली में देश की गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दे निशाने पर रहे। रैली में राहुल गांधी काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने कहा कि ये देश पीछे नहीं हटता। मुझे कहते हैं कि सही बात बोलने के लिए माफी मांगूं। भाइयो-बहनो, मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है। मैं सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा। और न कोई कांग्रेस वाला माफी मांगेगा। माफी नरेंद्र मोदी को देश से मांगनी है। उनके असिस्टेंट अमित शाह को माफी मांगनी है।

शुक्रवार को लोकसभा में राहुल के ‘रेप इन इंडिया’ बयान पर हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई महिला सांसदों ने इस पर राहुल से माफी मांगने को कहा। राहुल ने बयान दिया कि वे माफी नहीं मांगेगे।यह भी कहा कि मोदीजी ने कहा कि मेक इन इंडिया होगा। हमें लगा कि मेक इन इंडिया दिखाई देगा। आज जब हम अखबार खोलते हैं तो हमें रेप इन इंडिया दिखाई देता है। राहुल ने झारखंड के गोड्डा में गुरुवार को ‘रेप इन इंडिया’ वाला बयान दिया था।

‘मोदी है तो मुमकिन है’

प्रियंका ने कहा कि हर बस स्टॉप, हर अखबार में दिखता है कि ‘मोदी है तो मुमकिन है।’ असलियत यह है कि भाजपा है तो 100 रु किलो प्याज है। भाजपा है तो 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी मुमकिन है। भाजपा है तो 4 करोड़ नौकरियां नष्ट होना मुमकिन है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने यह भी कहा, ‘‘न्याय की लड़ाई लड़ने से बड़ी देशभक्ति कोई नहीं है। आज जिस दौर से हमारा देश गुजर रहा है, हर तरफ अन्याय है। गरीबों पर मुसीबतें लादी जाती हैं और बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जाते हैं। ऐसे कानून बनाए जाते हैं, जिससे लाखों लोग बंदी की तरह रखे जाते हैं। आज की लड़ाई में जो नहीं खड़ा होगा, वो कायर कहलाएगा। भारत की रखवाली करना, स्वतंत्रता, स्वाभिमान और स्वाधीनता का हक रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। आप सबकी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए कांग्रेस के मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों की है। इस देश को हबचाने के लिए यह भावना लेकर आए हैं। इसके लिए धन्यवाद है।’’

‘मंत्रियों के पास कोई नीति नहीं’

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के केवल 6 महीने में ही देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त कर दी। उनके मंत्री पूरी तरह से तर्कहीन हो चुके हैं। कल वित्त मंत्री ने कहा कि सब ठीक है। हम यानी भारत दुनिया में शीर्ष पर है। सिर्फ एक बात उन्होंने नहीं कही कि अच्छे दिन आने वाले हैं।’’

रैली के जरिए राहुल के लिए माहौल बनाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, टीम राहुल की कोशिश है कि रैली में एक बार फिर राहुल को प्रोजेक्ट और उनके लिए माहौल तैयार करने की योजना है। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसी संभावनाएं भी हैं कि रैली में राहुल गांधी को एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठे।

वैसे अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी पार्टी के मामलों में कम ही दखल दे रहे हैं। उनका ज्यादातर समय उनके संसदीय क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों में ही जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस के कई नेताओं ने यह बयान दिए हैं कि राहुल गांधी को वापसी करना चाहिए।

सोनिया के अध्यक्ष बनने के बाद पहली मेगा रैली
सोनिया गांधी के पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मौका है, जब कांग्रेस ने किसी बड़ी रैली का आयोजन किया। हालांकि, इसका मकसद कांग्रेस पार्टी में टीम राहुल की ताकत का प्रदर्शन करना भी है। पहले यह रैली 30 नवंबर को होने वाली थी, मगर बाद में संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर इसका समय 14 दिसंबर तय किया गया।

 

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