जगदलपुर-कोंडागांव में दो भाजपा प्रत्याशी के फाॅर्म खारिज, मतदान से पहले ही खुल है सकता कांग्रेस का खाता

जगदलपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में होने वाले नगर निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही कांग्रेस का खाता खुल गया है। जगदलपुर और कोंडगांव के एक-एक वार्ड से शुक्रवार को भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया। जगदलपुर में जहां नामांकन के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने अपनी जगह नगर निगम से माता की एनओसी जमा कर दी, वहीं कोंडगांव में प्रत्याशी का पालिका में राशि बकाया होने के चलते स्क्रूटनी के दौरान नामांकन निरस्त कर दिया गया।

खास बात यह है कि दोनों ही स्थानों से सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के ही उम्मीदवार मैदान में थे। जगदीश भूरा ने प्रतापदेव वार्ड से भाजपा की टिकट पर नामांकन जमा किया था। जगदीश भूरा का नामांकन खारिज होते ही यहां से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे यशवर्धन राव निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे। इस वार्ड से सिर्फ दो ही लोगों ने नामांकन दाखिल किया था।

इसी प्रकार कोेंडागांव में भी स्क्रूटनी के दौरान डीएनके वार्ड क्रमांक 11 के भाजपा प्रत्याशी संतोष नाग का नामांकन खारिज हो गया। जिसका लाभ कांग्रेस प्रत्याशी गुनमति नायक को मिला। ऐसे में उनके भी पार्षद बनने का रास्ता साफ हो गया है।

नामांकन के दौरान नगर निगम से खुद की एनओसी लेकर करनी होती है जमा

जगलपुर के प्रतापदेव वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी यशवर्धन राव पार्षद के लिए मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने जगदीश भूरा को अपना उम्मीदवार बनाया था। भाजपा प्रत्याशी भूरा ने नामांकन के समय अपनी जगह माता जी की एनओसी नगर निगम से लाकर जमा कर दी। इसके चलते उनका नामांकन स्क्रूटनी के बाद रद्द कर दिया गया। दरअसल, नामांकन के साथ ही उम्मीदवार को नगर निगम से खुद के लिए भी एनओसी लेना पड़ता है, जिसे नामांकन के समय जमा करना पड़ता है।

भाजपा ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव बनाने का आरोप लगाया

इसी तरह का मामला कोंडागांव के भी नगर पालिका चुनाव में सामने आया है। यहां भी मतदान से पहले भाजपा उम्मीदवार संतोष नाग का नामांकन खारिज हो गया। नगर पालिका चुनाव के लिए वार्ड क्रमांक 11 से कांग्रेस और भाजपा के ही प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। नगर पालिका में राशि बकाया होने के चलते निर्वाचन अधिकारी ने स्क्रूटनी के दौरान उनका नामांकन निरस्त कर दिया। वहीं, भाजपा प्रत्याशी ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव बनाने का आरोप लगाया है। प्रदेश गठन के बाद संभवत: यह अपनी तरह का पहला मामला है।

प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान 21 दिसंबर को

दोनों ही जिलों के इन वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों का नामांकन निरस्त हाेने के बाद इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। दोनों ही जगह पर अन्य कोई प्रत्याशी मैदान में नही है। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव 21 दिसंबर को होगा और इसके नतीजे 24 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच का दिन था। प्रत्याशी 9 दिसंबर तक नाम वापस ले सकेंगे। वहीं उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह का आवंट 9 दिसंबर को किया जाएगा।

चुनाव में 5406 मतदान केंद्र बनाए गए, 40 लाख मतदाता चुनेंगे 2840 पार्षद

प्रदेश के कुल 10 नगर निगम, 38 नगर पालिका और 103 नगर पंचायत में चुनाव होना है। इसके लिए कुल 5406 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 21 हजार मतदान कर्मी तैनात किए जाएंगे। इस बार 40 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश में कुल 2840 वार्डों में मतदाता पार्षद चुनेंगे। नक्सल प्रभावित जिले कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। पूर्व में यह समय सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है।

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