रायगढ़ में कांग्रेस दावेदार ने खाया जहर, रायपुर में भाजपा सांसद को एकात्म परिसर में घुसने से रोका

रायपुर (एजेंसी) | नगरीय निकाय चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और राजनांदगांव समेत 50 से अधिक निकायों के प्रत्याशी घोषित किए। इस देरी के पीछे कहा जा रहा है कि बीजेपी के दावेदारों की लिस्ट के फेर में कांग्रेस अपने नामों में बड़े बदलाव को मजबूर हुई। वैसे पार्टी ने एक दिन पहले ही सभी प्रत्याशियाें को टेलीफोनिक सूचना देकर उन्हें नामांकन दाखिल करने को कहा था।

कांग्रेस की रात 9 बजे तक सूची जारी होती रही, प्रत्याशी नामांकन दाखिल करते रहे। रायगढ़ में वार्ड 29 से दावेदारी कर रहे कांग्रेस नेता विजय टंडन ने टिकट न मिलने पर जहर खाकर जान देने की कोशिश की। रायपुर में भाजपा कार्यालय के गेट के सामने दावेदार ने न सिर्फ नारेबाजी की बल्कि सांसद सुनील सोनी को कार्यालय में घुसने तक नहीं दिया।

आखिरी दिन भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों ने रैली निकाल नामांकन दाखिल किया। दूसरी ओर बागियों के मान-मनौव्वल का दौर भी चला। शहर में जहां कांग्रेस के प्रमोद दुबे, सतनाम पनाग, कामरान अंसारी आदि के टिकट का विरोध कर रहे हैं तो वहीं भाजपा में भी शहर अध्यक्ष के सामने दावेदारों शैलेन्द्री परगनिहा, रघुवर वर्मा, गोपाल शर्मा, विकास मिश्रा समेत दर्जनभर नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया उन्होंने भाजपा नेताओ पर पैसों के लेन-देन का आरोप लगाया।

भाजपा दफ्तर में  टिकट कटने से नाराज एक प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। भाजपा के दावेदार रहे रघुवर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इसी तरह कांग्रेस में ब्राम्हणपारा वार्ड से सरिता दुबे को टिकट देने के खिलाफ सोनकर समाज के लोगों ने पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। दूसरी तरफ, महापौर प्रमोद दुबे को भी भगवती चरण शुक्ल वार्ड में विरोध का सामना करना पड़ा है।

व्यवसायी अर्जुन वासवानी ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। दीनदयाल उपाध्याय नगर, स्वामी आत्मानंद वार्ड और कई अन्य जगहों से दोनों ही दलों से बागियों के चुनाव मैदान में उतरने की खबर है। कांग्रेस ने संभावित बगावत को देखते हुए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में काफी देर की। वहीं कुछ निकायों में मनमर्जी से टिकट बांटे जाने की शिकायत कार्यकर्ताओं द्वारा की गई है।

उनका कहना है कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षाकर पैराशूट प्रत्याशियों को टिकट बांटे गए हैं। निगमों के साथ ही पालिकाओं पंचायतों में भी इस तरह की शिकायतें आई हैं। इस तरह की शिकायतें कांग्रेस के साथ ही भाजपा में भी आई है। लेकिन हर बार की तरह शिकायत करने वालों को आश्वासन देकर शांत कराया जा रहा है।

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