राज्य का बड़ा फायदा, केंद्र ने दिए जीएसटी के 896 करोड़ रू, अब राज्य को नहीं लेना पड़ेगा कर्ज

 

रायपुर : सीएम भूपेश बघेल ने जीएसटी की बकाया क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर सोमवार को ही अन्य राज्यों को लामबंद करने की बात कही थी और इधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को 896 करोड़ रुपए राज्य के खाते में डाल दिए हैं। इससे वित्तीय वर्ष 2019-20 की इस अंतिम तिमाही में राज्य को बड़ी राहत मिल गई है।

राज्य को वैट के बदले क्षतिपूर्ति के रूप में इस साल 3500 करोड़ रुपए मिलने हैं। इसमें से अब तक 2600 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। राज्य को अगस्त-सिंतबर की क्षतिपूर्ति किश्त के 900 करोड़ रुपए दिए जाने थे। इसके लिए राज्य ने 10 अक्टूबर को केंद्र को डिमांड नोट भेजा था। यह राशि अब तक नहीं मिल पाई थी। इसे लेकर पहले जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव और सोमवार को सीएम बघेल ने केंद्र पर जमकर हमले किए थे। सीएम बघेल क्षतिपूर्ति की भरपाई में हो रही देरी और जीएसटी पॉलिसी को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लामबंद करने की तैैयारी कर रहे थे। बुधवार को दिल्ली में होने वाली जीएसटी कौंसिल की बैठक में भी यह मुद्दा बनने वाला था। इस बीच केंद्र ने सोमवार रात अन्य राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ को भी राशि जारी कर दी है। इसके बाद राज्य ने आज अक्टूबर-नवंबर के बकाया 793 करोड़ के लिए भी डिमांड भेज दिया है।

वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार केंद्र के रुख को देखते हुए राज्य आरबीआई से कर्ज लेने इंडेंट भेजने की तैयारी कर रहा था। उसे यह कर्ज धान खरीदी समेत अन्य कार्यों के लिए चाहिए। राज्य पहले ही करीब एक हजार करोड़ का कर्ज ले चुका है। वैसे केंद्र से राज्य को जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में अब तक 2600 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। इसके अलावा दो माह पहले ही केंद्रीय वन मंत्रालय ने कैम्पा के तहत 5197 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ को दिया है। यह राशि भी 5 साल से बकाया थी। इस तरह से राज्य को 6093 करोड़ रुपए मिल चुके हैं।

देशभर में मंदी के बावजूद राज्य को इन बकाया किश्तों ने बड़ी राहत पहुंचाई है।

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