लघु वनोपज का संग्रहण जनवरी 2020 के अंत से, 50 हजार ग्रामीणों को रोजगार की सुविधा

रायपुर : मुख्य सचिव आरपी मंडल ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कमिश्नर-कलेक्टर, एसपी, सीईओ जिला पंचायत, खाद्य और वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान उनके साथ डीजीपी डीएम अवस्थी, पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी भी थे। तीनों ही अफसरों ने धान खरीदी, लघु वनोपजों का संग्रहण और रोजगार सृजन, सुपोषण अभियान के संबंध में जरूरी निर्देश एवं मार्गदर्शन दिए। इस दौरान जिलों के प्रभारी और विभागीय सचिव भी थे।
मुख्य सचिव ने कहा राज्य में तेंदुपत्ता के अलावा वनों से उत्पन्न होने वाले 22 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदी एमएसपी पर लघु वनोपज संघ द्वारा की जानी है। इसके लिए हाट बाजार और ग्राम स्तर के संग्रहण केन्द्र स्थापित करने कहा है। स्वसहायता समूहों के माध्यम से वनोपजों का संग्रहण और प्राथमिक प्रसंस्करण का कार्य किया जाएगा। इस प्रक्रिया से 50 हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिल सकेगा। जनवरी के अंत से शुरू अभियान के रूप में इस कार्य को किया जाएगा। धान खरीदी की चर्चा के दौरान मंडल ने सीमावर्ती क्षेत्रों से लगे जिलों में धान के अवैध परिवहन की रोकथाम करने के कड़े निर्देश दिए है।

उन्होंने कहा है कि धान की बोरियों को बारिश से बचाने व्यवस्थित रूप से रखा जाए। उन्होंने कहा है कि पंजी में दर्ज और किसानों को वितरित बारदानों की संख्या में अंतर पाए जाने पर समिति प्रबंधक के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एफसीआई 24 लाख मिट्रिक टन उसना चांवल की खरीदेगा। उन्होंने बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बालोद, दुर्ग, धमतरी, बलौदाबाजार, रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद जिलों के मिलरों से उसना धान की मिलिंग के लिए चार माह का अनुबंध करने कहा।